Tuesday, 10 November 2020

जैन विश्व भारती संस्थान में संकाय संवर्धन कार्यक्रम के अन्तर्गत ‘सतत विकास एवं शिक्षा’ विषय पर पत्र-वाचन

 


पर्यावरण संरक्षण शिक्षा के हर स्तर पर अनिवार्य हो- डाॅ. आभा

लाडनू 11 नवम्बर 2020। जैन विश्व भारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के शिक्षा विभाग में संकाय संवर्धन कार्यक्रम के अन्तर्गत ‘सतत विकास एवं शिक्षा’ विषय पर डाॅ. आभा सिंह द्वारा पत्र-वाचन किया गया। अपने पत्र वाचन में डाॅ. आभा सिंह ने मनुष्य द्वारा अपने विकास की कीमत प्रकृति को नष्ट कर के चुकाए जाने पर विस्तार से प्रकाश डाला और बताया कि मनुष्य अपनी अप्राकृतिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये प्रकृति का अनावश्यक दोहन करता है और प्राकृतिक ससाधनों को समाप्त करने एवं उन्हें विकृत बनाने का जितना भी प्रयास करता है, उन सबका दुष्परिणाम आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा। इसी कारण यह जरूरी है कि समय रहते हम सब संभलें और शिक्षा के प्रत्येक स्तर पर पर्यावरण शिक्षा को अनिवार्य रूप से जोड़ कर आने वाली पीढियों को सतर्क करें और पर्यावरण की रक्षा के लिये उन्हें तैयार करें। पत्र वाचन के विषय पर संकाय सदस्यों द्वारा विस्तार से चर्चा की गई। अंत में विभागाध्यक्ष प्रो. बीएल जैन ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

जैन विश्वभारती संस्थान के शिक्षा विभाग में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस एवं दीपावली पर्व के उपलक्ष में एक ऑनलाईन कार्यक्रम का आयोजन

 


सद्गुणों का विकास करता है दीपावली का पर्व- प्रो. बीएल जैन

लाडनूँ, 11 नवम्बर 2020। जैन विश्वभारती संस्थान के शिक्षा विभाग में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस एवं दीपावली पर्व के उपलक्ष में एक ऑनलाईन कार्यक्रम का आयोजन ऑनलाइन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में विभागाध्यक्ष प्रो. बीएल जैन ने कहा कि दीपावली के पर्व को व्यक्ति में सद्गुणों का विकास करने वाला बताया तथा कहा कि इस पर्व पर सभी में आपसी मेल-मिलाप से प्रेम, नम्रता, विनम्रता, मान, सम्मान, आदर, सत्कार, अभिवादन आदि के भाव प्रकट होते हैं। यह पर्व ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ का पर्व है। कार्तिक अमावस्या को भारतवर्ष के घर-घर में अंधकार को दूर कर प्रकाश का दीप प्रत्येक घर में जलाया जाता हैं। वर्तमान में मलिन होते जा रहे आत्मा के प्रकाश को शुद्ध करने के लिये मन में दूषित विचारों के आधिक्य को कम करना होगा। हमें एक दूसरे के आच्छादित हो रहे प्रति घृणा, ईष्र्या, द्वेष, अहंकार के भावों को मिटाने के लिये प्रयास करना चाहिये। मान्यता है कि इन अवगुणों के कारण लक्ष्मी का शुभागमन नहीं होता हैं। दूषित विकारों से बचने में दीपावली पर्व का आयोजन लाभकारी एवं उपयोगी हैं। दीपावली का पर्व त्यौहारों का पर्वराज है। इस त्यौहार के प्रारंभ होने से पूर्व और बाद में भी अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह पर्व पांच दिवस तक निरंतर आयोजित किया जाता है। दिवाली से पूर्व धनतेरस और छोटी दीवाली तथा दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा और भैयादूज को मनाया जाता है। इस प्रकार से दिवाली का यह पर्व पांच दिन तक हम सभी में श्रेष्ठ गुणों का विकास करता है। भारतीय संस्कृति के इन पर्वों के कारण ही विश्व में हमारी पहचान अलग रूप में है। ये पावन पर्व हमें विविधता में एकता के सूत्र में बांधते हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों में से अंबिका शर्मा एवं रेखा शेखावत ने भाषण के माध्यम से, हर्षिता स्वामी ने गाने के माध्यम से, ऋतु स्वामी ने कविता के माध्यम से, रेखा परमार, सीमा देवड़ा, सरिता शर्मा और मेराज ने नृत्य के माध्यम से अपने भावों को अभिव्यक्त किया। कार्यक्रम में डॉ. मनीष भटनागर, डॉ. बी. प्रधान, डॉ. सरोज राय, डॉ.आभा सिंह, डॉ. गिरिराज भोजक, डॉ. गिरधारी लाल, डॉ. ममता सोनी, प्रमोद ओला, ललित कुमार एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. अमिता जैन ने किया।

Monday, 2 November 2020

जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के शिक्षा विभाग में बीएड व एमएड के नवीन सत्र का ऑनलाईन शुभारम्भ

 लाडनूँ, 3 नवम्बर 2020। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के शिक्षा विभाग में नवीन सत्र-2020-21 का शुभारम्भ यहां ऑनलाईन किया गया। इस ऑनलाईन उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्ष्साता विभागाध्यक्ष प्रो. बीएल जैन ने की। कार्यक्रम में प्रो. जैन ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय और उसकी व्यवस्थाओं-सुविधाओं के बारे में बताया। उन्होंने शिक्षा विभाग और उसके संकाय सदस्यो के बारे में विस्तार से बताते हुये सभी का परचिय करवाया। साथ ही पाठ्यक्रम के बारे में भी बताया। प्रो. जैन ने इस अवसर पर ऑनलाईन अध्ययन एवं ऑफलाईन अध्ययन के बारे में बताया तथा अध्ययन के दौरान आने वाली विद्यार्थियों की समस्याओं के बारे में जानकारी देते हुये उनका समाधान बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से भी उनकी समस्याओं और शंकायें पूछी तथा उनका भी समाधान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सभी संकाय सदस्य उपस्थित थे और उन्होंन ऑनलाईन ही सभी विद्यार्थियों को शुभकामनायें प्रदान की। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. आभासिंह ने किया।

जैन विश्वभारती संस्थान द्वारा ‘भ्रष्टाचार मुक्त भारत’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन

 

साधन और साध्य दोनों की शुद्धता से मिटेगा भ्रष्टाचार- प्रो. वीपी सिंह

लाडनूँ, 3 नवम्बर 2020। जैन विश्वभारती संस्थान द्वारा सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत अंतिम दिन ‘भ्रष्टाचार मुक्त भारत‘ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गोवा के भूतपूर्व डीजीपी अमोध कंठ, डॉ. भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर वीपी सिंह थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता दूरस्थ शिक्षा विभाग जैन विश्वभारती संस्थान के निदेशक प्रोफेसर आनंद प्रकाश त्रिपाठी ने की। प्रोफेसर वीपी सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि भ्रष्टाचार रूपी दीमक का सफाया करना अत्यंत आवश्यक है। हमारे साधन और साध्य दोनों ही पवित्र होने चाहिए। हमें अपने स्वभाव पर विजय प्राप्त करनी होगी तथा जीवन को राष्ट्र के विकास में लगाना होगा। उनका कहना था कि सभी संस्थानों से भ्रष्टाचार को दूर किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने दर्शन के माध्यम से भ्रष्टाचार दूर करने के लिए विभिन्न समाधान बताएं। उन्होंने चुनाव शुद्धि की बात की तथा इस बात पर बल दिया कि मानव को मानव बनाने का कार्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्य का सूर्य ही जीवन में प्रकाश कर सकता है। कार्यक्रम के अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि हमें कभी निराश नहीं होना चाहिए। आचार्य तुलसी द्वारा प्रणीत अणुव्रत आंदोलन के माध्यम से सही मायने में मानव, मानव बन सकता है। मानव को मानवीय गुणों से ओतप्रोत होना चाहिए। मनुष्य में प्रामाणिकता का गुण होना चाहिए। कार्यक्रम में अमोध कंठ ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के प्रारंभ में समाज कार्य विभाग के विभागाध्यक्ष ने अतिथियों तथा प्रतिभागियों का स्वागत और अभिनंदन किया तथा कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। अंत में डॉ. भाबाग्रही प्रधान ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम के संयोजक के रूप में डॉ. बिजेंद्र प्रधान तथा सह संयोजक डाॅ. भाबाग्राही प्रधान थे। कार्यक्रम का संचालन समाज कार्य विभाग के सहायक आचार्य डॉ. विकास शर्मा ने किया। कार्यक्रम में डॉ. अमित सिंह, अश्विनी कुमार, प्रो. आरके यादव, डॉ. पुष्पा मिश्रा तथा जैन विश्व भारती संस्थान के अन्य विभिन्न संकाय सदस्य आदि उपस्थित थे।

Friday, 30 October 2020

जैन विश्व भारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के शिक्षा विभाग में लौहपुरूष के जन्मदिन पर एकता दौड़ व शपथ ग्रहण का आयोजन

 


एकता के सूत्र में बांधने वाले थे सरदार वल्लभ भाई पटेल- प्रो.जैन

लाडनूँ, 31 अक्टूबर 2020। जैन विश्व भारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के शिक्षा विभाग में शनिवार को राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दूरस्थ शिक्षा निदेशक प्रो. आनंद प्रकाश त्रिपाठी एवं शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. बीएल जैन की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में एकता दौड़ एवं शपथ ग्रहण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रो. बीएल जैन ने कहा कि भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल भारत को एकता के सूत्र में बांधने वाले व्यक्तित्व के धनी थे। वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूम्बर 1875 को गुजरात के पेटलाद तालुके के करम चंद गांव में हुआ, पिता झवेर भाई पटेल, माता लाड बाई थी। इनका निधन 15 दिसम्बर 1950 को हुआ। देश की एकता, अखंडता के रूप में आज भी इन्हें लौहपुरुष के रूप में माना जाता है। उनके जन्म दिवस को 2014 से एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। स्वाभिमान, कर्त्तव्य परायण, अध्ययनशील, देश सेवा के भाव, किसान हितैषी, स्वतंत्रता के महान सेनानी, देशी रियासतों का वर्गीकरण करने वाले आदि गुणों से पूरित थे। सम्पूर्ण भारत में एकता स्थापित करने वाले महापुरुष थे। अपने 75 वें जन्मदिवस पर उन्होंने सन्देश दिया था- “उत्पादन बढाओ, खर्च घटाओ और अपव्यय बिल्कुल न करो”। एकता दौड़ कार्यक्रम में डॉ. विष्णु कुमार, डॉ. अमिता जैन, डॉ. सरोज राय, डॉ. प्रगति भटनागर डॉ. गिरिराज भोजक, डॉ. आभा सिंह, डॉ. गिरधारी लाल शर्मा, डॉ. ममता सोनी, प्रमोद ओला, ललित, अभिषेक चारण, डॉ. जे.पी.सिंह, श्वेता खटेड, बलबीर, शेरसिंह, अभिषेक शर्मा, प्रगति चोरडिया, डॉ. रविन्द्र राठौड, डॉ. विकास, दीपाराम खोजा, प्रकाश गिरिया, घासीलाल शर्मा आदि संस्थान के सदस्य उपस्थित रहे।

Thursday, 29 October 2020

जैन विश्व भारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) में प्रतिवर्ष किये जाने वाले गरबा नृत्य प्रतियोगिता का वर्चुअल आयोजन

 

गरबा नृत्य की वर्चुअल प्रतियोगिता में स्नेहा व दिव्यता रही प्रथम

लाडनूँ, 30 अक्टूबर 2020। जैन विश्व भारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय के तत्वावधान में प्रतिवर्ष किये जाने वाले गरबा नृत्य प्रतियोगिता का वर्चुअल आयोजन इस साल कोरोना प्रकोप को ध्यान में रखते हुये ऑनलाईन आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा शुक्रवार को यहां प्राचार्य प्रो. आनन्द प्रकाश त्रिपाठी ने की। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर स्नेहा पारीक व दिव्यता कोठारी रही। द्वितीय स्थान पर प्रीति फूलफगर और तृतीय स्थान पर निकिता लोढा रही। सांत्वना पुरस्कार के लिये कल्पना सोलंकी व भूमि प्रजापत का चयन किया गया। प्रतियोगिता में अधिकतम 3 मिनट के एकल गरबा नृत्य का वीडियो अपलोड करना था। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में नुपूर जैन, प्रगति चैरड़िया व डॉ. पुष्पा मिश्रा रही। समन्वयक डाॅ. प्रगति भटनागर ने बताया कि विजेताओं को पुरस्कृत करने के अलावा इस गरबा प्रतियोगिता में सहभागी बने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कियेे।

Monday, 26 October 2020

जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ कर प्रेरणा से ‘सतर्क भारत-समृद्ध भारत’ थीम के अन्तर्गत सतर्कता जागरूकता सप्ताह का आयोजन

 


पारदर्शी अधिकारी पर कभी नहीं लग सकता है भ्रष्टाचार का आरोप- प्रो. त्रिपाठी

लाडनूँ, 27 अक्टूबर 2020। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ कर प्रेरणा से ‘सतर्क भारत-समृद्ध भारत’ थीम के अन्तर्गत सतर्कता जागरूकता सप्ताह का शुभारम्भ मंगलवार को किया गया। उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये दूरस्थ शिक्षा निदेशक प्रो. आनन्द प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सतर्कता जरूरी है। इसके लिये समाज में जागरूकता लाने के लिये व्यक्ति को पहले स्वयं को सतर्क बनाना चाहिये। अपने आप को जानकर अपनी कमियों को दूर करके समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिये। उन्होंने कहा कि बिजली-पानी का अपव्यय को बंद करने के लिये बिजली बचाने व पानी बचाने के छोटे-छोटे प्रयास भी सतर्कता के लिये आवश्यक है। इसी प्रकार यातायात के नियमों का पालन भी सतर्कता है। यात्रा के दौरान भी व्यक्ति को सतर्क रहना चाहिये। इस प्रकार जीवन के हर क्षेत्र में सतर्कता लानी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सतर्कता जागरूकता की शपथ ग्रहण की गई है तो लिये गये संकल्प के पीछे आत्मचिंतन होना चाहिये, ताकि उसे जीवन में उतारा जा सके। उन्होंने रिश्वत को लेने व देने दोनों का बहिष्कार करने और जीवन को शुद्ध बनाने का आह्वान किया तथा कहा कि पारदर्शी अधिकारी पर कभी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लग सकता है। इस अवसर पर समस्त कार्मिकों को सतर्कता जागरूकता की सामूहिक रूप से शपथग्रहण करवाई गई।

प्रामाणिकता से ही समृद्ध भारतका निर्माण संभव

शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. बीएल जैन ने कहा कि जागरूकता के अभाव में शोषण होता है। व्यक्ति जिस भी क्षेत्र में काम करे, उस क्षेत्र के बारे में हर प्रकार की जानकारी व जागरूकता के साथ उसका अपडेट रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आजकल लोग दायित्व मिलने से पूर्व तो बहुत उत्सुक होते हैं, लेकिन दायित्व प्राप्त हो जाने के बाद वे काम तो करते हैं, लेकिन मजबूरी में करते हैं, मजबूती से नहीं करते। यही बाधा देश को समृद्ध भारत बनने से रोकती है। काम के प्रति प्रामाणिक बनना जरूरी है। प्रामाणिकता से काम करने पर ही समृद्ध भारत बन सकता है। उन्होंने चिंता जताई कि देश में कामचोरों की संख्या बढ रही है। इनसे कभी सामथ्र्य व समृद्धि नहीं आ सकती है। अपने आप में काम करने की ललक पैदा करनी जरूरी हैं हम सबको समर्पण भाव से आनन्द के साथ काम करना चाहिये, तभी उसका सार्थक परिणाम मिलेगा। कार्यक्रम के संयोजक डाॅ. बिजेन्द्र प्रधान ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह के कार्यक्रमों की जानकारी देते हुये कहा कि हमें प्रत्येक क्षेत्र में सतर्कता लानी होगी। व्यवस्थाओं के प्रति जागरूक बनना होगा। खुद जागरूक बनेंगे तो औरों को भी जागरूक बना पायेंगे। उन्होंने केन्द्रीय सतर्कता आयोग के निर्देशों के बारे में भी जानकारी दी। सह संयोजक डाॅ. भाबाग्रही प्रधान ने अंत में धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में डाॅ. बलवीरसिंह चारण, अभिषेक शर्मा, अभिषेक चारण, डाॅ. प्रगति भटनागर, डाॅ. मनीष भटनागर, डाॅ. रविन्द्रसिंह राठौड़, डाॅ. पुष्पा शर्मा, श्वेता खटेड़, डाॅ. सत्नयनारायण भारद्वाज, शेर सिंह आदि उपििसत रहे। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. विकास शर्मा ने किया।

पुलिस प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार दूर करना आवश्यक- ताराराम

28 अक्टूबर 2020। जैन विश्व भारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) द्वारा ‘सतर्क भारत-समृद्ध भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किये जा रहे सतर्कता जागरूकता सप्ताह में द्वितीय दिवस पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। नेशनल वेबिनार के मुख्य अतिथि रायसिंहनगर गंगानगर के डिप्टी एसपी ताराराम ने अपने व्याख्यान में पुलिस प्रशासन के अंतर्गत व्याप्त भ्रष्टाचार को दूर किया जाने के उपायों तथा अन्य विभागों के साथ पुलिस महकमे से समन्वय स्थापना की जाने के सम्बंध में चर्चा की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जैविभा विश्वविद्यालय के दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के निदेशक प्रो. आनंद प्रकाश त्रिपाठी ने अपने वक्तव्य में कहा कि हमें सतर्कता की शुरुआत अपने आप से करनी होगी। भारत सतर्क रहेगा, तो निश्चित ही समृद्ध बनेग और सशक्त भी होगा। उन्होंने अपने सम्बोधन में ऐसे कई उदाहरण दिए, जिनके कारण सभी नागरिकों में जागरूकता और सतत सतर्कता बनी रहे। उन्होंने शरीर की सतर्कता, वाणी की सतर्कता तथा अन्य कई प्रकार से सतर्कता के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. बिजेंद्र प्रधान ने प्रारम्भ में सतर्कता जागरूकता अभियान एवं वेबिनार के सम्बंध में जानकारी दी और अतिथियों का परिचय प्रस्तुत करते हुये सतर्कता की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम के अंत में डॉ. भाबाग्राही प्रधान ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का संचालन सहायक आचार्य डॉ. विकास शर्मा ने किया।

सतर्कता जागरूकता अभियान के तहत निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित

29 अक्टूबर 2020।जैन विश्व भारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) द्वारा ‘सतर्क भारत-समृद्ध भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ के निर्देशन में आयोजित किये जा रहे सतर्कता जागरूकता सप्ताह में तृतीय दिवस पर ‘भारत में सतर्कता के संदर्भ में भ्रष्टाचार विरोधी रणनीति’ विषय पर निबध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जागरूकता सप्ताह के संयोजक डाॅ. बिजेन्द्र प्रधान ने बताया कि प्रतियोगिता में प्रथम से तृतीय रहने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जायेगा तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किये जायेंगे। प्रतियोगिता में सम्मिलित होने वाले समस्त प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किये जायेंगे। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों, कार्मिकों एवं उनके परिवार जनों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का संयोजन डाॅ. अमिता जैन ने किया।

‘सतर्क भारत-समृद्ध भारत’ पर नारा लेखन प्रतियोगिता हुई

30 अक्टूबर 2020। जैन विश्व भारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) द्वारा ‘सतर्क भारत-समृद्ध भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ के निर्देशन में आयोजित किये जा रहे सतर्कता जागरूकता सप्ताह में चैथे दिवस पर ‘सतर्क भारत-समृद्ध भारत’ विषय पर नारा लेखन प्रतियोगिता का ऑनलाईन आयोजन किया गया। जागरूकता सप्ताह के संयोजक डाॅ. बिजेन्द्र प्रधान ने बताया कि प्रतियोगिता में प्रथम से तृतीय रहने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जायेगा तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किये जायेंगे। प्रतियोगिता में सम्मिलित होने वाले समस्त प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किये जायेंगे। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों, कार्मिकों एवं उनके परिवार जनों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का संयोजन डाॅ. अमिता जैन ने किया। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व ‘भारत में सतर्कता के संदर्भ में भ्रष्टाचार विरोधी रणनीति’ विषय पर निबध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया।

‘‘सतर्क भारत-समृद्ध भारत’ पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन

31 अक्टूबर 2020। जैन विश्व भारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) द्वारा ‘सतर्क भारत-समृद्ध भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ के निर्देशन में आयोजित किये जा रहे सतर्कता जागरूकता सप्ताह में पांचवें दिवस पर ‘सतर्क भारत-समृद्ध भारत’ विषय पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का ऑनलाईन आयोजन किया गया। जागरूकता सप्ताह के संयोजक डाॅ. बिजेन्द्र प्रधान ने बताया कि प्रतियोगिता में प्रथम से तृतीय रहने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जायेगा तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किये जायेंगे। प्रतियोगिता में सम्मिलित होने वाले समस्त प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किये जायेंगे। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों, कार्मिकों एवं उनके परिवार जनों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का संयोजन डाॅ. अमिता जैन ने किया।

सतर्क भारत समृद्ध भारत के साप्ताहिक कार्यक्रम में प्रतियोगिताओं का आयोजन

निबंध में मंडा, स्लोगन में गुर्जर व पोस्टर प्रतियोगिता में स्मृति प्रथम रही

03 नवम्बर 2020। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) में आयोजित सतर्कता जागरूकता सप्ताह में “सतर्क भारत समृद्ध भारत” के साप्ताहिक कार्यक्रमों में हुई ऑनलाइन प्रतियोगिताओं के परिणामों की घोषणा की गई है। सांस्कृतिक समन्वयक डाॅ. अमिता जैन ने बताया कि इन एक सप्ताह के विविध कार्यक्रमों में निबंध, स्लोगन लेखन एवं पोस्टर पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इनमें से निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर बी.एस.सी.-बी.एड पंचम सेमेस्टर की छात्रा भगौती मंडा रही। द्वितीय स्थान पर बी.एड. चतुर्थ सेमेस्टर की सरिता एवं तृतीय स्थान पर बी.एड. तृतीय सेमेस्टर जसोदा सिद्ध रही। स्लोगन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर बी.ए.-बी.एड. तृतीय सेमेस्टर की छात्रा रेखा गुर्जर, द्वितीय स्थान पर एम.एड.तृतीय सेमेस्टर की सरिता परमार एवं तृतीय स्थान पर बी.एड. चतुर्थ सेमेस्टर की पूजा चारण रही। पोस्टर पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर बी.एस.सी.-बी.एड. तृतीय सेमेस्टर की छात्रा स्मृति कुमारी, द्वितीय स्थान पर बी.एस.सी.-बी.एड.तृतीय सेमेस्टर की ही आयशा खान एवं तृतीय स्थान पर पूजा कंवर रही। प्रतियोगिताओं में कुल 35 प्रतिभागियों ने भाग लिया था। निर्णायक की भूमिका डॉ. ममता सोनी, अभिषेक चारण एवं श्वेता खटेड ने निभाई।