Wednesday, 12 January 2022

जैन विश्वभारती संस्थान में राष्ट्रीय युवा दिवस पर खेल प्रतियोगिता का आयोजन

 


खो-खो में उर्मिला की टीम एवं कबड्डी में सपना की टीम विजेता रही

लाडनूँ, 13 जनवरी 2022। जैन विश्वभारती संस्थान में इंडिया क्लब द्वारा राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष में मैत्री कबड्डी व खो-खो खेल का आयोजन किया गया। इसमें खो-खो टीम की विजेता उर्मिला (कप्तान), सुनीता, सरिता, मोनिका, अनिता, मीनाक्षी, पूनम, भावना व ऊषा रही व कबड्डी टीम की विजेता सपना (कप्तान), सरोज, सुनिता, मीनाक्षी, नेनचा, सलोनी, पूजा, उषा, हंसा, सीमा, प्रमिला व विमला रही। खेल प्रतियोगिता में संस्थान के अलग-अलग विभागों की टीमों ने भाग लिया। इस अवसर पर आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. आनंद प्रकाश त्रिपाठी, शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. बीएल जैन, योग और जीवन विभाग के अध्यक्ष प्रद्युम्नसिंह शेखावत, शांति व अहिंसा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रविंद्र सिंह, डॉ. आभा सिंह, डॉ. अमिता जैन, दिव्या माथुर, खेल प्रशिक्षक व निर्णायक अजयपाल सिंह भाटी आदि उपस्थित रहे।

Tuesday, 11 January 2022

शिविर में क्विज प्रतियोगिता और टीकाकरण कार्यक्रम आयोजित

 


12 जनवरी 2022।जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विवविद्यालय) में राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे सात दिवसीय विशेष शिविर के छठे दिन बौद्धिक सत्र में स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर युवा दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ऑनलाइन व्याख्यान में केंद्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ के शिक्षा शास्त्र विभाग के प्रो. लोकमान्य मिश्र ने तथा जयपुर से डॉ. नरेंद्र शर्मा ने ऑनलाइन उद्बोधन दिया।

इससे पूर्व आयोजित प्रथम सत्र में हुए क्विज प्रतियोगिता कार्यक्रम में 6 समूहों ने भाग लिया। शिविर के दौरान ही कोविड-19 के बचाव के लिए स्थानीय राजकीय चिकित्सालय की टीम के सहयोग से वैक्सीनेशन कार्यक्रम भी रखा गया, जिसमें 15 से 18 वर्ष के विद्यार्थियों का टीकाकरण करवाया गया।

जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) में युवा दिवस के रूप में मनाई स्वामी विवेकानंद जयंती

 


हर युवा के लिए आदर्श है स्वामी विवेकानन्द- डॉ. अमिता जैन

लाडनूँ, 12 जनवरी 2022। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) में सांस्कृतिक समिति के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक सचिव डॉ. अमिता जैन ने कहा कि जीवन में हमेशा अच्छे आदर्शों को चुनो और उसी पर अमल करो। समुद्र को देखो ना कि उसकी लहरों को। विवेकानंद एक ऐसा व्यक्तित्व रहा, जो हर युवा के लिए एक आदर्श बन सकता है। उनकी कही एक भी बात पर यदि कोई अमल कर ले, तो शायद उसे कभी जीवन में असफलता व हार का मुंह ना देखना पड़े। कार्यक्रम में हंसा कंवर, पूजा चौधरी, साक्षी शर्मा, खुशी जोधा, उषा सारण, पूर्वी तंवर, मेघा वाढवानी, निरंजन कंवर, पूजा बेरा, प्रियंका प्रजापत, सरिता सारण आदि ने अपने अपने विचारों को भाषण एवं कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में लगभग 65 विद्यार्थी एवं सहायक आचार्य डॉ. लिपि जैन और डॉ. विनोद कस्वां उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन छात्राध्यापिका किरण सांडू ने किया। युवा दिवस के अवसर पर संस्थान में युवाओं के लिए वैक्सीनेशन कैम्प का आयोजन भी किया गया, जिसमें जिन विद्यार्थियों के प्रथम एवं द्वितीय डोज नहीं लगी, उनके वैक्सीन लगायी गई। विभागाध्यक्ष प्रो. बीएल जैन ने बताया कि इस महामारी से निपटने का एक मात्र उपाय वैक्सीन ही है, जिसे सभी को लगवानी चाहिए। विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग में भी राष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ. विकास शर्मा ने स्वामी विवेकानन्द के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेने की जरूरत बताते हुए कहा कि उनके विचार ‘जब तक जीना, तब तक सीखना’ के आधार पर हमेशा सीखने की प्रवृति रखनी चाहिए। अपने आप पर विश्वास रख कर ही जीवन में कामयाबी मिल सकती है। डॉ. पुष्पा मिश्रा ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने देश के करोड़ों लोगों के उत्थान के लिए कार्य किया था। उनके आदर्शों को अपने जीन का लक्ष्य बनाना चाहिए। कार्यक्रम में बंटीसिंह, मीतू शाहा, कुंजन शर्मा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शिखा कपूर ने किया।

Monday, 10 January 2022

जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विवविद्यालय) में समूह गायन व एकल गायन प्रतियोगिताओं का आयोजन

 

नियमितता, उत्साह तथा
कर्तव्यनिष्ठा है सफलता की कुंजी- प्रो. त्रिपाठी

लाडनुँ, 11 जनवरी 2022। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विवविद्यालय) में चल रहे एनएसएस की दोनों इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन आयोजित बौद्धिक सत्र में दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के निदेशक प्रो. आनंदप्रकाश त्रिपाठी ने जीवन में नियमितता, उत्साह तथा कर्तव्यनिष्ठा को सफलता की कुंजी बताया और उन्हें जीवन में अपनाने का संदेश दिया। इससे पर्व प्रथम सत्र में आयोजित गायन प्रतियोगिता कार्यक्रम में रखे गए एकल तथा समूह गायन कार्यक्रम में समूह गायन प्रतियोगिता में 5 समूहों ने तथा एकल गायन प्रतियोगिता में 13 प्रतिभागियो ने भाग लिया। प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में डॉ. सरोज राय तथा डॉ. आभा सिंह ने प्रतियोगिता के अंत में प्रस्तुतिकरण को अधिक बेहतर बनाने के गुर सिखाए। इन कार्यक्रमों के आयोजन में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई प्रथम प्रभारी डॉ. प्रगति भटनागर तथा इकाई द्वितीय प्रभारी डॉ. बलबीर सिंह का योगदान रहा ।



Friday, 7 January 2022

जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विवविद्यालय) में एनएसएस की स्वयंसेविकाओं ने किया श्रमदान व कई प्रतियोगिताएं आयोजित


 लाडनूँ, 8 जनवरी 2022। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विवविद्यालय) में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों इकाइयों के संयुक्त तत्वाधान में सात दिवसीय विशेष शिविर के दूसरे दिन स्वयंसेवक एवं सेविकाओं ने संस्थान परिसर में श्रमदान व साफ-सफाई की। इस सत्र के दौरान दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के निदेशक प्रो. आनंद प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि श्रमदान न केवल सेवा का माध्यम है, बल्कि इससे व्यक्ति का शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा रहता है। उन्होंने इसे अपने दैनिक जीवन में भी अपनाने पर बल दिया। बौद्धिक सत्र के दौरान आशु भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसके अंतर्गत समाज सेवा, चरित्र निर्माण, राष्ट्रभक्ति सांप्रदायिक सद्भाव आदि बिंदुओं पर विचार व्यक्त करते हुए स्वयंसेवक एवं स्वयं सेविकाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ये सभी कार्यक्रम दोनों इकाई प्रभारियों डॉ. प्रगति भटनागर एवं डॉ. बलवीर सिंह के नेतृत्व में हुए।

जैन विश्वभारती संस्थान के शिक्षा विभाग में प्रसार भाषण माला के अंतर्गत ‘गतिविधि आधारित मनोवैज्ञानिक शिक्षण’ विषय पर व्याख्यान

 


गतिविधि आधारित मनोवैज्ञानिक शिक्षण से सरल बन सकती है शिक्षा- डॉ. मंगल

लाडनूँ, 08 जनवरी 2022। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विवविद्यालय) के शिक्षा विभाग में प्रसार भाषण माला के अंतर्गत श्री अग्रसेन स्नातकोत्तर महाविद्यालय केशव विद्यापीठ जामडोली जयपुर के डॉ. सतीश मंगल ने ‘गतिविधि आधारित मनोवैज्ञानिक शिक्षण’ विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए कहा कि शिक्षक को अपने आचरण और व्यवहार से समाज, समुदाय, परिवार तथा अपने विद्यार्थियों को प्रेरित करने का कार्य करना चाहिए तथा उनमें विश्वास जाग्रत करना चाहिए। उन्होंने जीवन के विविध पक्षों को प्रभावित करने के बारे में जानकारी दी तथा शिक्षक को जीवन के विविध पक्षों से शिक्षा देने के बारे में बताया। उन्होंने गणित के व्यावहारिक स्वरूप एवं मनोविज्ञान के विभिन्न सिद्धान्तों का रोचक उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षक को अपने कक्षा शिक्षण को क्रिया आधारित शिक्षण से तथा व्यावहारिक जीवन के अनुभव से जोड़कर शिक्षण को सरल, सहज, रोचक बनाना चाहिए। वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में गतिविधि आधारित मनोवैज्ञानिक शिक्षण के माध्यम से शिक्षण को सरल बनाया जा सकता है। नूतन चौहान ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षण अधिगम की प्रक्रिया को आधुनिक व्यवस्थाओं के अंतर्गत किया जाना चाहिए तथा शिक्षण प्रभावशाली बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जाना चाहिए। प्रारम्भ में शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. बनवारी लाल जैन ने परिचय दिया तथा अंत में अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा ऑनलाइन शिक्षण कभी भी ऑफलाइन शिक्षण का स्थान नहीं ले सकता। इसलिए वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में क्रिया आधारित शिक्षण को कक्षा शिक्षण में प्रयोग करने की आवश्यकता है। अंत में डॉ. सरोज राय ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में संकाय सदस्य डॉ. अमिता जैन, डॉ. आभा सिंह आदि उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम में ऑनलाइन 94 तथा ऑफलाइन 50 विद्यार्थी उपस्थित थे।

Tuesday, 4 January 2022

जैन विश्व भारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) में साइबर जागरूकता दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन

 


साइबर जागरूकता निबंध प्रतियोगिता में ममता व खुशी प्रथम रही

लाडनूँ, 05 जनवरी 2022। विश्वविद्यालय अनुदान (यूजीसी) द्वारा निर्देशित साइबर जागरूकता दिवस के अवसर पर यहां जैन विश्व भारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ‘साइबर अपराध: जागरूकता ही बचाब’ विषयक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रभारी प्रो.आनंद प्रकाश त्रिपाठी एवं प्रो. बीएल जैन ने बताया कि संस्थान में प्रत्येक माह प्रथम बुधबार को साइबर जागरूकता दिवस का आयोजन किया जाता है, जिसका उद्देश्य वर्तमान में हो रहे साइबर अपराधों के प्रति विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा शिक्षकेत्तर सदस्यों में जागरूकता पैदा करना है, ताकि वे इस प्रकार के अपराधों से बचा जा सके। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. गिरधारी लाल शर्मा एवं डॉ. बलबीर सिंह ने बताया की 50 से अधिक विद्यार्थियों ने निबंध प्रतियोगिता में भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर ममता पंवार व खुशी जोधा रही। द्वितीय स्थान पर पूजा चैधरी, साक्षी शर्मा, निरंजन राठौर व हंसा कंवर रही। तृतीय स्थान पर स्नेहा शर्मा, भावना चैधरी, स्मृति कुमारी, शुभा भोजक व हेमपुष्पा चैधरी रही।